
Friday, August 1, 2008
Thursday, July 31, 2008
मैखाना और वीराना
"दिल खुलता है वहां सोहबत ऐ रिन्दाना जहाँ हो
मै खुश हूँ उसी शहर से मैखाना जहाँ हो,
उन उजड़ी हुई बस्तियों में दिल लगता नही
है जी में वहीं जा बसे वीराना जहाँ हो."
Tuesday, July 29, 2008
शेर 1
"मै जी लेता तेरे गमो को, मगर मुझे पीने से फुर्सत नही
तू किए जा सितम दर सितम, मुझे पीने से फुर्सत नही"
तू किए जा सितम दर सितम, मुझे पीने से फुर्सत नही"
Monday, July 28, 2008
रुबाई 1
"सुन कल-कल छल-छल मधु घट से गिरती प्यालो में हाला
सुन रुनझुन-रुनझुन चल वितरण करती मधु साकी-बाला
बस आ पहुंचे, दूर नही कुछ, चार कदम अब चलना है
चहक रहे सुन पीने वाले, महक रही ले मधुशाला."
सुन रुनझुन-रुनझुन चल वितरण करती मधु साकी-बाला
बस आ पहुंचे, दूर नही कुछ, चार कदम अब चलना है
चहक रहे सुन पीने वाले, महक रही ले मधुशाला."
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